मकर लग्न वालों को कौन से रत्न धारण करने चाहिए
मकर लग्न या राशि के लोग प्रकृति के सन्निकट रहना पसंद करते हैं। यदि चन्द्रमा पर शनि का प्रभाव हो तो इस राशि या लग्न के लोग लम्बे और परिवार की तुलना में कुछ सांवले रंग के हो सकते हैं। इनका शरीर शक्तिशाली होता है और प्रवृत्ति गंभीर होती है। इनको पारिवारिक सुख का कुछ अभाव रह सकता है। इनका व्यावसायिक जीवन पूर्वार्द्ध में बहुत अच्छा नहीं रहता है, लेकिन बाद के वर्षों में उन्नति होती है। इनकी मित्रता प्रायः निम्न वर्ग या जाति के लोगों से हो सकती है। सरकारी ठेकेदारी, हार्डवेयर, लकड़ी, लोहा, बिल्डिंग मटेरियल, प्राइवेट सेक्टर में नौकरी, लैबर मैनेजमेन्ट और माइन्स से संबंधित कामों में सफलता की संभावना अधिक होगी।
मकर लग्न के लोगों के लिए हीरा सबसे फलदायी रत्न होता है। चूंकि हीरा महंगा रत्न है अतः यदि आप यह धारण नहीं कर सकते हैं तो पोल्की, मोजेनाईट, ओपल या क्युबिक जरकनिया (CZ) मध्यमा अंगुली में शुक्रवार या शनिवार को संध्या बेला में धारण करना चाहिए। ध्यान रखें कि हीरा हमेशा किसी महिला के हाथ से धारण करना चाहिए।
हीरे के उपरान्त मकर लग्न के जातक नीलम धारण कर सकते हैं। नीलम को मध्यमा उंगली में धारण किया जाता है। इसे सोने या चांदी में पहन सकते हैं। नीलम हमेशा सिलोन श्रीलंका की होनी चाहिए और उसका साइज कम से कम 3 कैरेट से 6 कैरेट के लगभग होना चाहिए। नीलम को धारण करने से पूर्व शनि के बीज मंत्रों के 11000 जाप से अभिमंत्रित करना चाहिए।
उपरोक्त दो के बाद पुखराज कुछ हद तक मकर लग्न के लोग धारण कर सकते हैं लेकिन पुखराज या इसके अलावा किसी भी रत्न को धारण करने से पूर्व कुंडली का अवलोकन अवश्य कर लेना चाहिए। क्योंकि जन्मकुंडली या हाथ की रेखाएं या आपके बिजनेस या सर्विस के नेचर के अकॉर्डिंग ही लकी स्टोन का निर्धारण किया जाना चाहिए।



