कन्या लग्न के लिए लक्की स्टोन कौन से हैं
यदि हम अपनी जन्म कुंडली, हाथ की रेखाओं या हमारे बिजनेस या प्रोफेशन, सर्विस आदि के अकॉर्डिंग बिल्कुल सही रत्न का चुनाव करते हैं तो जीवन में विशेष उन्नति होती है। जन्म कुंडली में जो ग्रह कारक है, शुभ भाव का स्वामी है या लग्नेश होकर यदि कमजोर, बलहीन है तो उसका रत्न धारण करना चाहिए। यह फलित ज्योतिष का प्राथमिक सिद्धांत है। जन्म कुंडली के आधार पर विस्तृत परामर्श लेकर रत्न धारण करने से विशेष उन्नति का योग बनता है।
कन्या लग्न के लिए कौन से रत्न शुभ हैं?
कन्या लग्न का स्वामी बुध ग्रह होता है। कन्या लग्न में बुध न केवल लग्नेश होता है बल्कि वह दशमेश भी होता है। ज्योतिष के एक सिद्धांत के मुताबिक कोई भी शुभ ग्रह यदि दो केन्द्रों का स्वामी हो तो उसे केन्द्राधिपति दोष लगता है। हालांकि लग्नेश केन्द्राधिपति दोष से मुक्त होता है। इसलिए कन्या लग्न के लिए बुध ग्रह सबसे शुभ हो जाता है, क्योंकि वह लग्नेश होने के साथ ही बिजनेस का भी स्वामी है। इसके साथ ही बुध छोटे बिजनेस का प्राकृतिक तौर पर कारक भी है। इसलिए मैं कहूंगा कि कन्या लग्न वालों निःसंकोच पन्ना रत्न धारण करना चाहिए। कुंडली में कुध किसी भी स्थिति में पन्ना लाभ ही देगा।
मोती भी पहन सकते हैं
दूसरे रत्न के तौर पर कन्या लग्न वालों के लिए मोती सबसे अच्छा परिणाम देता है। इसके अलावा जो लोग लगभग पचास वर्ष की आयु को पार कर चुके हैं वे सिलोन का पुखराज भी धारण कर सकते हैं।
कौन सी अंगुली में धारण करें
पन्ने को धारण करने के लिए सबसे छोटी अंगुली सबसे अच्छी समझी गई है। हालांकि बुध एक तटस्थ ग्रह है इसलिए आप रिंग फिंगर यानि अनामिका में भी पन्ना धारण कर सकते हैं। पन्ने को सोने या दो या दो से अधिक धातुओं को मिक्स करके उसमें धारण करना चाहिए। पन्ना बुधवार को प्रातः वैश्य समाज के किसी सफल व्यक्ति के हाथों से धारण करने से विशेष लाभ होता है।
पन्ने को विशेष प्रभावी बनाने के लिए बुध ग्रह के 9000 तांत्रिक मंत्रों से अभिमंत्रित करना चाहिए।



