घर में कौनसी तस्वीरें शुभ होती हैं
क्या सात घोड़ों की तस्वीर में है जादू
हम अपने इष्ट की आराधना करते हैं और उसके प्रतीक अवश्य अपने घर के मंदिर में रखते हैं। प्रतीकों को ही देव या देवी का रूप माना जाता रहा है। देवताआंे के अलावा दूसरे प्रतीक भी है। जो अपने आकार-प्रकार के अनुसार अपना असर दिखाते हैं। जैसे किसी का कोई सरकारी कार्य नहीं हो रहा है तो एक विशेष स्थान पर अशोक स्तम्भ रख देने से बहुत शीघ्रता से कार्य संपन्न होता है। इसी प्रकार से संयुक्त परिवार की तस्वीर, दो पक्षियों के जोड़े की तस्वीर, भगवान श्रीविष्णु की तस्वीर या फिर मां अन्नपूर्णा की तस्वीर का भी अपन महत्व है। यही बात दूसरे प्रतीकों पर भी लागू होती है। और इसी सिद्धांत के अनुसार दूसरे प्रतीक भी प्रभावी होते हैं।
घर में कौन सी तस्वीरें शुभ होती हैं
अक्सर लोग पूछते हैं कि घर में किस तरह की तस्वीरें होनी चाहिए और किस तरह की नहीं होनी चाहिये। हालांकि तस्वीरें तो बहुत सारी हैं। सभी के संबंध में डिटेल में बताना तो संभव नहीं है लेकिन मैं स्थूल रूप से दो श्रेणी में तस्वीरों विभक्त करके समझाने का प्रयास करूंगा। यहां आप एक श्रेणी को शुभ और दूसरी को अशुभ मान सकते हैं। इससे पहले एक उदाहरण देखें जिससे आपको बात अच्छी तरह से समझ में आ जायेगी। मात्र कुछ दशकों पहले तक ताजमहल और दूसरी मजारों की तस्वीरें अक्सर लोगों के घरों की शोभा बढ़ाती थीं, लेकिन गत वर्षाें में जैसे-जैसे लोगों में जागरूकता में वृद्धि हुई है कुछ चीजों से परदा उठा है इसी क्रम में ताजमहल और दूसरी मजारों की तस्वीरें आजकल घरों या आॅफिस में लगाने से बचा जा रहा है। जिस तरह से ताजमहल एक कब्र है उसी तरह से राजस्थान में भी अंतिम संस्कार करने के उपरान्त उस स्थान विशेष पर एक गुबंद बना दिया जाता था, राजस्थान के कुछ भागों में इसे आमतौर पर छत्तरी कहा जाता है। यह मजार, कब्र या समाधि का ही एक प्रकार है। इसलिए मैंने बहुत से घरों से इन प्रतीकों की तस्वीरों को मैंने हटवाया है।
पहली श्रेणी में वे तस्वीरें आयेंगी जो सकारात्मक और प्रकृति से सम्बंधित हैं। जैसे फूल, नदी, पहाड़ जैसे सभी प्राकृतिक दृश्य और साथ में हिरन, हाथी, खरगोश, छोटे पक्षियों की प्रतिकृति। यहां यह भी ध्यान में रखने की बात है कि जीव-जन्तुओं में हिंसक जानवरों की तस्वीरें भी आती हैं। जैसे शेर और चीते आदि। इन तस्वीरों को लगाने से भी परहेज करना चाहिए। और सभी सात्विक देवी-देवताओं की तस्वीरें घर में होना शुभ है। इस प्रकार की तस्वीरें होने से घर में मांगलिक कार्य होते रहते हैं। घर में सौहार्द का वातावरण बना रहता है। घर के सदस्य आवेश में आने से बचे रहते हैं।
दूसरी श्रेणी में मजार, समाधि, शेर-चीते जैसे हिंसक पशु, ज्वालामुखी, पुरातत्व से सम्बंधित कोई भी वस्तु या इमारत जैसी तस्वीर आती हैं। इन तस्वीरों से घर में उदासीनता और कलह के वातावरण का निर्माण होता है। इसलिए इस तरह की तस्वीरों को घर में नहीं रखना चाहिए।
क्या सात घोड़ों की तस्वीर में है जादू
यहां हमारा विषय घोड़ों की तस्वीर है। दौड़ते हुए सफेद रंग के सात घोड़ों की तस्वीर का प्रगति सूचक माना जाता है। इसलिए जिस स्थान विशेष पर व्यापार मंदा हो या इसी प्रकार की दूसरी समस्याएं हों, वहांपर इस तस्वीर को लगाया जाता है। इस तस्वीर को लगाने की सबसे अच्छी दीवार पूर्व की दीवार को माना गया है। इस तस्वीर का आकार-प्रकार इसको लगाने के स्थान पर आधारित होना चाहिए। स्थान का क्षेत्रफल जितना हो उसी आधार पर इसका माप रखा जाता है। आमतौर पर तस्वीर का माप लगभग एक फीट चैड़ा और ढ़ाई फीट लम्बा होना चाहिए। लेकिन स्थान के क्षेत्रफल के अनुसार इसके माप को घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
- सत्यनारायण जांगिड़
विदुरजी के मंदिर के पास। रतनगढ़। राजस्थान।