जाने तुला लग्न के लिए शुभ और लक्की स्टोन
तुला लग्न बहुत ही शानदार लग्न है। इस लग्न के जातक मध्यम कद के और मौज मस्ती में जीवन यापन करने के शौकीन होते हैं। ये किसी के साथ अन्याय करना बर्दास्त नहीं करते, बल्कि सभी के साथ सहृदयी होते हैं। इनका स्वभाव कोमल होता है।
तुला लग्न में सबसे कारक ग्रह लग्नेश शुक्र और केंद्र और त्रिकोण के मालिक शनि होते हैं। शनि और शुक्र परस्पर परम मित्र हैं इसलिए तुला लग्न वालों को नीलम और हीरे का कोम्बिनेशन मध्यमा अंगुली में धारण करना चाहिए। यदि दोनों रत्न ओरिजनल और दोषरहीत हो तो व्यक्ति को जीवन में उच्च पद दिलाने में सहायक होते हैं।
यदि तुला लग्न के आधार पर साधारणतया मान्य रत्नों की बात की जाए तो तुला लग्न वालों को प्राथमिकता नीलम को देनी चाहिए। उसके बाद हीरा सबसे अच्छे परिणाम देने में सक्षम है। यदि नीलम आप आपके बजट में नहीं आता है तो आप नीली उपरत्न भी पहन सकते हैं। इसी प्रकार से हीरा यदि आपके बजट में नहीं आता है तो ऑस्ट्रेलिया फायर ओपल, मोजेनाइट, जरकन या पोल्की आदि उपरत्न धारण कर सकते हैं।
तुला लग्न के लिए दूसरे लकी स्टोन
नीलम और हीरे की प्रधानता के उपरान्त कोई दूसरा रत्न धारण करने से पूर्व कुंडली का अवलोकन अनिवार्य है। हालांकि मैं यहां साधारण रूप से वे उपरत्न बता रहा हूं जो आप धारण कर सकते हैं।
पन्ना
यदि भाग्य में रूकावट हो तो पन्ना धारण करना चाहिए। हालांकि पन्ना धारण करने से खर्चों में वृद्धि हो सकती है लेकिन जीवन में नये अवसरों की भी प्राप्तियां होती है। यदि सरकारी कर्मचारी है तो पन्ना धारण करने से पदोन्नति मिल सकती है।
मोती
जिन तुला लग्न वालों का बिजनेस ठीक तरह से नहीं चल रहा है उन्हें मोतियों की माला धारण करनी चाहिए।
माणिक
जो तुला लग्न के जातक सरकारी ठेकेदारी आदि का काम करते हैं उनको अनामिका अंगुली में रविवार को प्रातः माणिक धारण करना चाहिए। मनिक रतन को धारण करने से पूर्ण सूर्य भगवान के 11000 मंत्रों से अभिमंत्रित करना चाहिए और किसी क्षत्रिय के हाथों से धारण करना चाहिए।
-- ज्योतिर्विद सत्यनारायण जांगिड़।
विदुर जी के मंदिर के पास। रतनगढ़। राजस्थान।



