बार-बार बिजनेस बदलने की समस्या से पाएं छुटकारा।
अपनी जन्म दिनांक से जाने अपना भाग्यशाली बिजनेस।
बहुत बार ऐसा होता है कि हम बराबर प्रयास करते हैं उसके बावजूद भी जीवन मंे सफलता नहीं मिल पाती है। पूरी जिन्दगी इसी उधेड़बुन में निकल जाती है कि हमें किस चीज का बिजनेस करना चाहिए। या फिर अपने ब्रांड का क्या नाम रखना चाहिए। कि वह ब्रांड मार्केट में ग्रो कर सके। एक बात मैं क्लीयर कर दूं कि बार- बार बिजनेस बदलने से कुछ नहीं होगा। जब तक आप अपने स्टार के नेचर के अनुसार बिजनेस चूज नहीं करेंगे तब तक सक्सेस नहीं मिल पायेगी। आपने देखा होगा कि बहुत से लोग अपने पूरे जीवन में केवल एक ही बिजनेस करते हैं। और केवल उसी एक बिजनेस से ही करोड़ों-अरबों कमाते हैं। इसका कारण यह है कि उन्होंने अपने भाग्य से संबंधित व्यापार कर लिया है या भाग्यवश ऐसा हो गया है, जिससे बहुत कम मेहनत से से ही बिजनेस चमकने लगता है।
अपने लिए लक्की बिजनेस को देखने के दो जरिये हैं पहला है न्युमरोलाॅजी और दूसरा है जन्म कुंडली के आधार पर लक्की बिजनेस का पता लगाना। यहां मैं आपको अपनी जन्म दिनांक के जोड़ से बनने वाले नम्बर जिसे आप मूलांक या लक्की नम्बर भी कह सकते हैं, के आधार पर अपने लिए लाभदायक बिजनेस या जाॅब को सलेक्ट करके अपने जीवन में सफलता की नई उच्चाइयां पा सकते हैं।
मूलांक 1
मूलांक एक का स्वामी सूर्य है। मूलांक 1 के लोग उस प्रकार के बिजनेस या सर्विस में ज्यादा सक्सेस होते हैं जिसमें ये लोगों को लीड कर सकें। वैसे आमतौर पर देखा जाता है कि मूलांक 1 के लोग अपना खुद का बिजनेस भी स्थापित करते हैं। क्योंकि कि स्वयं के बिजनेस के वे राजा होते हैं। दूसरों के मातहत काम करना इनके लिए बहुत आसान नहीं होता है। राजनीति भी मूलांक 1 के लोगों को खूब रास आती है। हालांकि राजनीति में सफलता कितनी कुछ मिलेगी इसका पूरा मूल्यांकन तो जन्म के आंकड़ों पर निर्भर करता है तथापि वे राजनीति में अपना स्थान अवश्य बना लेते हैं। इसके अलावा मूलांक 1 के लोग सरकारी नौकरी, नीजि क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस सेवा, जड़ी-बूटी, खाद और बीज जैसे बिजनेस में भी सफल हो सकते हैं।
मूलांक 2
मूलंाक दो का स्वामी चन्द्रमा है। जो चीजें जल से उत्पन्न होती हैं उन से संबंधित कार्यों में मूलांक 2 के लोग विशेष सफलता प्राप्त कर सकते हैं। वैसे जिन कार्यों में कल्पनाशीलता का उपयोग होता उन कामों में भी मूलांक 2 के चन्द्रमा सफल रहते हैं। इसके अध्यापन का कार्य, काव्य रचना, उपन्यास लेखन, संपादन, दूध और कृषि उद्योग से संबंधित कार्य, चावल-चीनी आदि का बिजनेस या दलाली जैसे कार्यों में भी मूलांक 2 के लोगों को सफलता मिल जाती है। हालांकि नंबर 2 के लोगों की सबसे बड़ी कमजोर यह भी है कि ये सोचते ज्यादा हैं और धरातल पर काम कम करते हैं।
मूलांक 3
मूलांक 3 का स्वामी ग्रह बृहस्पति है। जिसे आम बोलचाल की भाषा में देव गुरू भी कहा जाता है। आमतौर पर उच्चस्थ पद और प्रतिष्ठा का सीधा संबंध बृहस्पति से है। चाहे राजनीति हो या फिर बिजनेस सभी मंे अव्वल दर्जे की सफलता के लिए बृहस्पति का शुभ होना आवश्यक है। जिन लोगों का मूलांक 3 है वे बृहस्पति से प्रभावित होते हैं। खासतौर पर नैतृत्व क्षमता का सीधा संबंध बृहस्पति से है। गुरू प्रधान लोग हमेशा लीड करते हैं। किसी भी संस्था या संस्थान में सर्वोपरि हो सकते हैं। बहुत से लोग इनको काॅपी करते हैं। जहां तक बिजनेस की बात है तो ब्याज पर पैसा देना, खाद्य पदार्थों जैसे होटल या किराना होलसेल करना और कन्सल्टेन्सी का काम नम्बर 3 के लोगों को खूब रास आता है। इन सब के अलावा इनमें सृजन क्षमता भी गजब की होती है। इसलिए लेखन और संगीत आदि में भी ये लोग सक्सेस हो सकते हैं।
मूलांक 4
अंक 4 का स्वामी ग्रह राहु को माना गया है। इसलिए आप कह सकते हैं कि मूलांक 4 के लोग राहु से प्रभावित होते हैं। राहु से प्रभावित होने के दो अर्थ हैं कि आप तभी सफल होंगे जब कि आप अपने जीवन में जोखिम लेंगे। राहु हमेशा या तो आकस्मिक प्रोफिट देता है या फिर लोस। इसके अलावा प्लास्टिक या रबर का काम, इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रोनिक्स का काम, शराब और दूसरे सभी नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त का भी सीधा संबंध राहु से है। इसलिए इस तरह के कामों में भी नंबर 4 के लोग काफी सफल हो सकते हैं। जो लोग सरकारी टेक्स की चोरी करते हैं वे भी राहु से प्रभावित होते हैं।
मूलांक 4 का संबंध वायु सेना से भी लगाया जाता है। वायु सेना में नौकरी या सप्लाई का काम भी अंक 4 के लोग कर सकते हैं। यदि दूसरे अंक शुभ हों तो मूलांक 4 के लोग राजनीति में भी सफलता प्राप्त करते देखे जाते हैं।
मूलांक 5
जैसा कि विदित है कि मूलांक 5 का स्वामी ग्रह बुध होता है। जिन प्रिय सज्जनों का अंक 5 होता है वे वाक्पटु होते हैं इसलिए इनको सेल्स मार्केटिंग, मनोरंजन का फील्ड और बीमा बेचने जैसे कार्यों में तुरन्त सफलता मिल जाने की संभावना हो सकती है। इसके अलावा आर्किटेक्चर, एकाउंटेन्ट या लेखपाल आदि भी मूलांक 5 के लोग हो सकते हैं। कुछ मामलों में ट्रांसपोर्ट कंपनी चलाना भी मूलांक 5 के लोगों के जीवन में आर्थिक सफलता दिला सकता है।
लेखन और प्रकाशन के बिजनेस में भी मूलांक 5 के लोग काफी सफलता प्राप्त करते हैं।
मूलांक 6
मूलांक 6 का स्वामी ग्रह दैत्यगुरू शुक्राचार्य है। इसे स्त्री ग्रह की संज्ञा प्राप्त है। सामान्य अर्थों में बात करें तो मूलांक 6 के लोगों को दो तरह के बिजनेस से लाभ हो सकता है। पहला तो महिलाओं से संबंधित कोई भी बिजनेस या इण्डस्ट्री और दूसरा है वे सभी वस्तुएं जिनकी क्वाॅलिटी को सूघ कर निर्धारित किया जाता है। उपरोक्त दो के अलावा जितनी भी चमकदार वस्तुएं हैं वे भी मूलांक 6 के लिए फायदेमंद हो सकती हैं। मूलांक 6 के लोग यदि समाज सेवा के क्षेत्र में जाए तो भी सफलता की संभावना होती है। इसके अलावा विदेश व्यापार, होटल और रेस्टोरेन्ट जैसे कामों में भी मूलांक 6 के लोग सक्सेस हो सकते हैं। पर्यटन और यात्रा आदि को आरगेनाईज करने वाले भी मूलांक 6 से भी प्रभावित होते देखे जाते हैं।
मूलांक 7
माना जाता है कि इस पृथ्वी पर जितने भी आविष्कार और खोजें हुईं हैं उनके पीछे नंबर 7 से प्रभावित लोगांे का विशेष योगदान रहा है। इसके अलावा मूलांक 7 के लोग अध्यात्म से भी बहुत शिद्दत से जुड़े हो सकते हैं और इस क्षेत्र में इनको सफलता भी बहुत जल्दी और आसानी से प्राप्त हो सकती है। प्रवचन देना, धार्मिक संस्थाओं के लिए कार्य करना आदि नंबर 7 का बहुत रास आता है।
अध्यात्म और खोजों के अलावा नंबर 7 के लोग गुप्तचर संस्थाओं और चिकित्सा आदि क्षेत्र में भी अपनी दखंदाजी रखते देखे जाते हैं। सही अर्थों में ये छुपे रूस्तम हो सकते हैं। धर्म ग्रंथों के शोध और प्रकाशन इनका प्रिय सब्जेक्ट होना भी संभव है।
मूलांक 8
मूलांक 8 का स्वामी ग्रह शनि है। इसलिए जिन लोगांे का नंबर 8 है उनके लिए आवश्यक है कि वे अपने को स्थापित करने के लिए एक से अधिक दफा प्रयास करें। नंबर 8 के लोगों का बिजनेस शुरूआती दौर पर संघर्ष दिखाता है। इसके बाद ही सफलता मिल पाती है। इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है बल्कि आपको एक और प्रयास करने की आवश्यकता है या फिर जो कुछ अभी तक आपने किया है उसे कन्टीन्यूअस रखने की जरूरत है।
लेबर कान्टेक्ट, फैक्टरी, लोहे या ईमारती सामान की खरीद-फरोख्त, पशु-पालन, इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट, एस्ट्रोलाॅजी, एन.जी.ओ. आदि से संबंधित कामों के लिए नंबर 8 बहुत परफैक्ट है।
मूलांक 9
नंबर 9 का प्रतिनिधि ग्रह मंगल है जो आवेश और शीघ्रता से सब कुछ करने की जुगत में रहता है। इसलिए राजनीति भी इनको खूब रास आती है। यदि जन्मकुंडली और हस्तरेखाओं में अच्छी पोजिशन बन रही हो तो नंबर 8 से प्रभावित लोग राजनीति में उच्च पद प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा नंबर 8 से संबंधित लोग रेल और विदेश विभाग में नौकरी करते भी देखे जाते हैं। इनको यदि बिजनेस करना हो तो मेडिसिन, बड़ी कंपनियों की एजेन्सी लाईन, सेना से संबंधित चीजें, सुरक्षा और अग्नि यंत्रों आदि का बिजनेस इनके लिए बेहतर परिणाम दे सकता है।
- ज्योतिर्विद् सत्यनारायण जांगिड़
विदुरजी के मंदिर के पास। रतनगढ़। राजस्थान।