17 अक्टूबर 2026 को होगा सूर्य का तुला राशि में प्रवेश इन राशि वालों के जीवन में आयेगा सकारात्मक बदलाव

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17 अक्टूबर 2026 को होगा सूर्य का तुला राशि में प्रवेश इन राशि वालों के जीवन में आयेगा सकारात्मक बदलाव
17 अक्टूबर 2026 को होगा सूर्य का तुला राशि में प्रवेश। 
इन राशि वालों के जीवन में आयेगा सकारात्मक बदलाव

  वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मकारक ग्रह माना जाता है। उदय लग्न और चन्द्र लग्न के बाद सूर्य लग्न की कुंडली भी प्रायः बनाई जाती है। इन तीनों लग्नों के आधार पर सुदर्शन चक्र बनाया जाता है। पुराने जमाने में राजा-महाराजाओं की कुंडली में सूर्य को लग्न मान कर फलित कहा जाता रहा है। अब भी माना जाता है कि समाज के उच्चत्तम वर्ग के लोगों की सूर्य कुंडली ही देखनी चाहिए। इन बातों से यह सिद्ध होता है कि सूर्य स्वयं में एक लग्न है। सूर्य उच्चत्तम सफलता, सरकार या राजनीति में उच्च पद और प्रसिद्धि का प्रधान कारक है। यदि आप कोई ब्राण्ड लांच करते हैं तो पहले आपका सूर्य अवश्य देख लेना चाहिए। क्योंकि यदि आपकी कुंडली में सूर्य बलवान नहीं है तो आपका ब्रांड पाॅपुलर नहीं हो सकेगा। सूर्य प्रधान लोग समाज में सूर्य की भांति ही चमकते हैं। 

कब आयेंगे सूर्य भगवान तुला राशि में 
ग्रहों के राजा सूर्य देव एक राशि में करीब एक माह तक रहते हैं। श्री आश्विन शुक्ल पक्ष सप्तमी, संवत् 2083, शनिवार को सायं 7 बजकर 43 मिनट पर, तद्नुसार अंग्रेजी दिनांक 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य भगवान कन्या को छोड़कर सायं 7 बजकर 43 मिनिट पर तुला में प्रवेश करेंगे। विदित हो कि तुला राशि सूर्य की नीच राशि है। इस दिनांक के बाद सूर्य करीब एक माह तक तुला में बने रहेंगे। तुला राशि का स्वामी शुक्र है जो कि नैसर्गिक तौर पर सूर्य का शत्रु ग्रह है। यह स्त्री संज्ञक और चर राशि है। वायु तत्त्व की यह राशि बहुपद राशि है। पश्चिम दिशा की स्वामिनी यह राशि विचित्र वर्ण की है। इस राशि में सूर्य अपना पूर्ण फल नहीं दे पाता है क्योंकि यह उसके शत्रु की राशि है और यहां जाकर सूर्य नीच का हो जाता है। 

कैसा रहेगा आपके लिए यह गोचर
यहां जो सूर्य का गोचर दिया जा रहा है वह आपकी नाम राशि के आधार पर है। इसे इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।    

मेष राशि - आपके लिए सूर्य का यह गोचर शुभ रहेगा। आपको बिजनेस में सफलता मिल सकती है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। स्वास्थ्य का पाया उत्तम रहेगा। जो विद्यार्थी किसी प्रतियोगिता की तैयारी कर रहे हैं उनको सफलता मिल सकती है। केवल अपने प्रयासों में तेजी दिखाने की आवश्यकता है। माह की शुरूआत में बिनजेस संबंधी कुछ नए अवसर मिल सकते हैं।   

वृषभ राशि - आपकी राशि छठे स्थान पर सूर्य होने से मान-सम्मान की प्राप्ति होगी और लोगों का सहयोग मिलने से बिजनेस या सर्विस में नये अवसर मिल सकेंगे। किसी धार्मिक स्थल की यात्रा संभव है। मन में भी धर्म के प्रति आस्था में वृद्धि होगी। किसी धार्मिक क्रिया-कलाप के भागीदारी का अवसर प्राप्त होगा। घर में कोई मांगलिक कार्य संपन्न हो सकता है।  

मिथुन राशि - पांचवां सूर्य पुत्र संतान के संबंध में चिंता देता है। संतान के कॅरियर को लेकर कोई नई चिंता इस सामने आ सकती है। रिश्तेदारों और मित्रों से अनबन रह सकती है। भाग्य का साथ बहुत कम मिलेगा इसलिए परिश्रम की मात्रा को बढ़ाएं और कोई अवसर हाथ से नहीं जाने दें। जो लोग शेयर आदि का काम करते हैं उनहें लाभ के सौदे मिलने में परेशानी हो सकती हैं 

कर्क राशि - नौकरी पेशा लोगों को के लिए तुला राशि का सूर्य बहुत अच्छा नहीं है। जो लोग नौकरी करते हैं उनको अपने कार्य स्थल पर परेशानी बढ़ सकती है। उच्चाधिकारियों से अनबन रह सकती है। व्यर्थ की यात्राओं से धन ओर समय की बर्बादी संभव है। हालांकि बिजनेस करने वालों को बहुत ज्यादा नकारात्मक प्रभाव देखने में नहीं आयेगा। बिजनेस में गति सामान्य रहेगी। 

सिंह राशि - गोचर में जब कोई क्रूर या पाप ग्रह तीसरे घर में आए तो वह हमेशा बहुत शुभ फल देता है। कार्यों में सफलता और नये अवसरों की प्राप्ति होती है। इसलिए आपके लिए यह सूर्य का तुला राशि में होना किसी सौगात से कम नहीं है। सोचे गये कार्यों के पूर्ण होने की संभावना बनेगी और आर्थिक उन्नति के साथ ही सरकार की किसी योजना से भी लाभ उठा सकेंगे। 

कन्या राशि - आपके लिए बिजनेस की परेशानियां कुछ हद तक खत्म हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए भी अच्छा समय रहेगा। यदि प्राइवेट नौकरी में है तो बडे अधिकारियों के संपर्कों का लाभ मिलेगा। कोर्ट-कचहरी जैसे मामलों में आपका पक्ष मजबूती से सामने आयेगा। दांपत्य जीवन में सौहार्द बना रहेगा। स्वास्थ्य को लेकिन चल रही किसी चिंता से छुटकारा मिलेगा। 

तुला राशि - आपकी राशि पर सूर्य का गोचर होगा लेकिन सूर्य नीच और शत्रु राशि में होने से बहुत ज्यादा आशा आपको नहीं रखनी चाहिए। जो लोग बिजनेस करते हैं उनके लिए यह माह बहुत अच्छा नहीं जायेगा। राशि पर आया सूर्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी देता है। मानसिक प्रताड़ना और कार्यों में बाधा की आशंका बनी रहेगी। परिवार से दूर किसी यात्रा पर जाना पड़ सकता है लेकिन यह यात्रा ज्यादा लाभदायक रहे, इसकी संभावना बहुत कम है।   

वृश्चिक राशि - बारहवें घर का सूर्य जनता से आपके संबंधों में खटास पैदा करता है। संबंधों में कड़वाहट और रिलेशन में मतभेद पैदा कर सकता है। इसलिए सावधानी रखें। खासतौर जो लोग राजनीति से जुड़े हुए हैं उनको परेशानी का अनुभव होगा। शारीरिक तौर पर भी स्वयं का थका हुआ अनुभव करेंगे। आलस्य के कारण बहुत से कार्य समय पर पूर्ण नहीं होंगे।

धनु राशि - ग्यारहवां सूर्य आपके बिजनेस में बूम ला सकता है। इसलिए पहले से तैयारी रखें। जो लोग अब तक आपके विरोध में थ वे भी मित्रवत व्यवहार करेंगे। यदि दांपत्य जीवन में कोई परेशानी है तो उसका स्थायी हल निकल सकता है। इस अवधि में लिये गये आपके फैसले भविष्य का निर्माण करेंगे। नौकरी पेशा लोगों को अतिरिक्त लाभ होने की संभावना बनी रहेगी।  

मकर राशि - दसवें स्थान का सूर्य वह सफलता भी दे सकता है जिसकी आपने आशा नहीं की हो। यदि आप विद्यार्थी हैं और किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो सफलता का प्रतिशत बढ़ सकता है। रूके हुए कार्यों में प्रगति होगी। यदि बिजनेस करते हैं तो बहुत से लाभ के सौदे होने की संभावना बनेगी। सांसारिक सुख की वस्तुओं पर खर्च हो सकता है। 

कुंभ राशि - नवम घर का सूर्य बहुत खराब नहीं है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है। परिस्थितियों का सामना करेंगे तो अवश्य कुछ हासिल कर पायेंगे। परिश्रम का पूरा लाभ मिल जायेगा। पहले से किये गये प्रयासों से भी लाभ होना संभावित है। हालांकि आलस्य और थकान से पीड़ित रह सकते हैं। कहीं घूमने या पर्यटन की योजना बन सकती है।

मीन राशि - आठवां सूर्य पिता से मतभेद पैदा करता है। यदि परिवार में किसी पुश्तैनी संपत्ति को लेकर कोई विवाद चल रहा है तो उसमें आपका पक्ष कमजोर हो सकता है। इसलिए बहुत सोच समझ कर योजना बनाएं। यदि बिजनेस करते हैं तो अनावश्यक यात्राओं से बचने की कोशिश करें क्यांेकि इस एक माह में दूर प्रदेशों की यात्राएं हो सकती हैं जिनसे लाभ की संभावना कम है।
(नोट - राशिफल गोचर ग्रहों की गति के अनुमान पर होता है। वास्तव में क्या होगा, यह बताना व्यक्तिगत विश्लेषण से ही संभव है। इसलिए जो भी निर्णय लें वह अपने स्वविवेक से लें)  

- सत्यनारायण जांगिड़
विदुरजी के मंदिर के पास। रतनगढ़। राजस्थान।

Satyanarayan Jangid

Satyanarayan Jangid explains astrology, numerology, and spiritual practices in a way that’s simple, clear, and easy to relate to. He focuses on the why behind rituals instead of blind belief, helping people understand how these ideas actually fit into real life. His teaching feels calm and grounded—less about fear, more about clarity—so things don’t feel heavy or confusing, just practical and reassuring.