क्या आपका बेडरूम नेगेटिव पॉइंट पर है
वैदिक वास्तु एक चमत्कारी विद्या है। यह हजारों वर्षों से भारतीय जनमानस में प्रचलन में है। इसलिए कहा गया है कि घर का निर्माण हम करते हैं लेकिन घर बनाने के बाद घर हमारा निर्माण करने लगता है। यदि हमने घर को वास्तु के आधार पर परफेक्ट बनाया है तो उसका लाभ हमें जीवन में देखने को मिलेगा लेकिन यदि घर वास्तु के अनुरूप नहीं तो जीवन में परेशानी और बाधाओं का आना शुरू हो जायेगा। वास्तु पंच तत्त्वों पर आधारित एक वैज्ञानिक पद्धति है। जो हमें बताती है कि हमें अपने घर को प्रकृति के अनुरूप कैसे रखना है। यदि हम प्रकृति के अनुसार चलेंगे तो प्रकृति अपनी शक्तियों से हमें प्रगति का मार्ग दिखायंेगी।
कुछ मामलों में देखा जाता है कि अचानक आमदनी के सभी स्रोत बंद हो जाते हैं। जब हम इसे वास्तु के संदर्भ में देखते हैं तो पाते हैं कि हमने अपने घर में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया है तो फिर अचानक आय बंद क्यों हो गई। इसका कारण होता है कि हमने अपना बेड-रूम बदल दिया होता है या फिर वह कमरा बदल दिया होता है जिसमें हम अपना अधिकतर समय व्यतीत करते हैं। और दुर्भाग्य से यह स्थान भूखण्ड के नेगेटिव पॉइंट पर आ रहा होता है।
भूमि पर होते हैं नेगेटिव और पाॅजिटिव पाॅइंट
भूमि के छोटे से छोटे और बड़े से बड़े खण्ड में एक सेन्टर होता है। उस सेन्टर के चारों तरफ नेगेटिव और पाॅजिटिव पाॅइंट होते हैं। जिस भूखण्ड में सभी पॉइंट नेगेटिव हो वह पूरा भूखण्ड ही खराब हो जाता है इसके विपरीत जब नेगेटिव पॉइंट पॉजिटिव पॉइंट की तुलना में कम हो या नहीं हो, तो ऐसा प्लाॅट बहुत शुभ होता है। लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है। प्लाॅट में पॉजिटिव के साथ नेगेटिव पॉइंट भी हो सकते हैं। इस बात को विस्तार से समझने की कोशिश करें।
एक ही घर में हम बहुत से सदस्य रहते हैं। यदि कोई सदस्य दूसरे सदस्यों की तुलना में कमजोर हो, बिजनेस में नुकसान उठा रहा हो या उसे कोई स्वास्थ्य समस्या हो तो निश्चित है कि उसका बेडरूम नेगेटिव पॉइंट पर आ रहा है। या आप यह भी कह सकते हैं कि वहां पर नेगेटिव पॉइंट का प्रभाव ज्यादा है। इसे आप इस प्रकार से समझें कि घर में जहाँ कचरे का डिब्बा रखते हैं वहां 100 प्रतिशत नेगेटिव पॉइंट होता है, जो कि कचरे को अपनी तरफ आकर्षित करता है।
ब्रह्म स्थान का नेगेटिव पॉइंट
आमतौर पर जब हम कोई नया प्लॉट या घर खरीदते हैं तो उसका अच्छा या बुरा वास्तु हम पर प्रभावी होने लगता है। यदि प्लॉट या घर वास्तु दोष से दूषित है तो निश्चित रूप से उसका बुरा प्रभाव हम पर आयेगा और हमारी आमदनी अनायास ही रुक जायेगी। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कुछ मामलों में भूमि के ब्रह्म स्थान पर नेगेटिव पॉइंट होता है। जिसके कारण पूरा प्लाॅट ही दूषित हो जाता है। ब्रह्म स्थान के नेगेटिव पॉइंट की पहचान इस प्रकार करें कि यदि उस घर या प्लॉट में पहले से कोई आवास नहीं बना हुआ है और यदि बना हुआ है लेकिन वर्षों से वहां पर कोई नहीं रह रहा है तो भी ब्रह्म स्थान पर नेगेटिव पॉइंट होता है। इसलिए किसी भी स्थिति में घर या प्लॉट खरीदने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि वहां इस तरह का कोई वास्तु दोष तो नहीं हो। यदि ऐसा है तो उस दोष को दूर करें या तो फिर घर या प्लाॅट को स्वयं से अलग कर दें।
क्या उपाय करें
आमतौर पर पहले एक सरल से उपाय को करके देखना चाहिए। यदि घर के किसी एक सदस्य को बिजनेस संबंधी परेशानी रहती है तो सर्वप्रथम उसे अपना रूम चेंज करना चाहिए। क्योंकि बहुत आशंका है कि उसका बेड-रूम किसी सक्रिय नेगेटिव पाॅइंट पर आ रहा हो। जिसके कारण उसे व्यक्तिगत तौर पर समस्या का सामना करना पड़ रहा हो। इसके बावजूद यदि फायदा नहीं हो तो जन्म कुंडली की दशा और अन्तरदशा के आधार पर ग्रहों के उपायों कि आवश्यकता होती है।
- ज्योतिर्विद सत्यनारायण जांगिड़
विदुरजी के मंदिर के पास। रतनगढ़। राजस्थान।
विशेष सूचना - (डिस्क्लेमर या अस्वीकरण) यहां दी गई जानकारी प्रचलित मान्यताओं, पंचांग और दूसरे धार्मिक ग्रंथों पर आधारित है। उपरोक्त तथ्यों को केवल जानकारी देने के लिए लिखा गया है। वास्तविकता इससे अलग हो सकती है। गाइडगुरु.काॅम इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।