फ्रेश भूमि को मकान बनाने से पूर्व शुद्ध कैसे करें।
वैदिक साहित्य में सभी तरह की समस्याओं के निवारण बहुत ही शुद्धता और सात्विक ढंग से उपलब्ध हैं। मनुष्य के सभी कामों में जीव हित को सर्वोच्च वरीयता गई है। इसी क्रम में मकान बनाने से पूर्व भूमि की शुद्धता को जरूरी बताया गया है और उसके बहुत से सात्विक उपाय भी है।
कुछ मामलों में देखा जाता है कि प्रिय सज्जन भूमि को शुद्ध किए बिना ही मकान बना लेते हैं। यदि भूखंड में कोई दोष नहीं है तो कोई बात नहीं है, लेकिन भूखंड में कोई आंतरिक दोष हो तो बहुत सी समस्याएं पैदा हो जाती हैं। इसलिए भूखंड की जांच के उपरांत ही कोई निर्माण करना चाहिए।
क्या करना चाहिए ?
सम्मानित मित्रों के लिए मैं एक विधि बता रहा हूँ। यह अत्यंत सरल और शास्त्रीय विधि है। इस तरीके को हमारे पुरखे हमेशा काम में लेते थे। यदि भूखंड में कोई गम्भीर दोष नहीं है, तो केवल यही एक उपाय ही काफी है। इस उपाय को करने के बाद आपको कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं है।
जिस भूमि पर आपको मकान बनाना है, उस भूमि पर लगभग एक माह तक देसी गायों को चराये। प्रतिदिन हरे चारे और पानी की व्यवस्था करते रहें। गायों के गोबर औरे गो-मूत्र से यदि भूखंड में कोई साधारण दोष है तो निश्चित रूप से उसका निवारण हो जाता है। इसके बाद बनाऐ गये भवन में प्रति वर्ष मांगलिक कार्य होते रहते हैं और सुख समृद्धि में वृद्धि होती है।
- ज्योतिर्विद सत्यनारायण जांगिड़
- विदुर जी के मंदिर के पास। रतनगढ़। राजस्थान।
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