गरीबी से छुटकारा पाने के पांच उपाय। जब किस्मत साथ नहीं दे तो क्या करें
यह जरूरी नहीं है कि सभी की किस्मत साथ दे। अक्सर आपने सुना होगा कि फलां व्यक्ति किस्मत का मारा है। इसका सीधा सा अर्थ है कि वह ंव्यक्ति परिश्रम तो बहुत करता है लेकिन सफलता नहीं मिलती है। ऐसे लोग जब बिजनेस करते हैं तो ज्यादातर इनको लाभ नहीं होता है। जैसे तैसे काम चलता रहता है। यदि ज्यादा हाथ पांव मारते हैं तो नुकसान हो जाता है। और यदि ग्रह और ज्यादा खोटे हों तो बर्बाद हो जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनको किस्मत का साथ नहीं मिलता है। लेकिन इसका यह अर्थ भी नहीं है कि वे हमेशा कंगाली से झूझते रहेंगे। हालांकि पूरी तरह से किस्मत बदलने की बात करना तो किसी बेबस आदमी की मजबूरी का फायदा उठाने जैसा है। लेकिन मैं अपने अनुभव के आधार पर यह कह सकता हूं कि यदि जन्म कुंडली के आधार पर सटीक और वैदिक उपाय किये जाए तो कुछ हद तक राहत मिल सकती है। और धीरे-धीरे स्थिति में सुधार होने लगता है। एकदम से कभी सुधार दिखाई नहीं देगा। लेकिन जिस प्रकार से दवा शुरू करने के बाद रोग ठीक होने में एक निश्चित समय लगता है, उसी प्रकार से उपाय करने से सुधार शुरू हो जाता है। लेकिन सुधार कितना होगा और कब होगा। यह सब बहुत सी बातों पर निर्भर करता है।
छोटे उपाय और बड़ा कमाल
कहते हैं कि कांटा निकालने के लिए सूई का ही उपयोग हो सकता है। तलवार कितनी भी धारदार हो वह कांटा नहीं निकाल सकती है। इसी प्रकार से कोई भी उपाय छोटा या बड़ा नहीं होता है। यदि सटीक उपाय किये जाऐ तो कोई कारण नहीं कि उनका लाभ नहीं हो। लेकिन साथ में मैं यह भी कहना पसंद करूंगा कि उपाय तभी ज्यादा प्रभावी होते हैं जब कि उन्हें आपकी जन्म कंुडली के ग्रहों या हाथों की रेखाओं के आधार पर किया जाए। हालांकि कॉमन उपाय भी काम करते हैं लेकिन उनका एक निश्चित दायरा होता है। कॉमन उपाय उसी प्रकार से है जैसे कि हम किसी रोग के लिए मेडिकल स्टोर से दवा ले कर काम चला लेते हैं। मजेदार बात यह है कि यह दवा ज्यादातर मामलों में काम कर जाती है। इसी प्रकार से ये उपाय भी काम करते हैं। लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है जब मर्ज बड़ा हो तो चिकित्सक की सलाह से ही दवा लेने से पूरा लाभ होता है। फिर भी नीचे दिये गए उपायों को करने से राहत का जरूर अनुभव होगा। खास बात यह भी है कि इन उपायों को करने के लिए आपको कोई खास खर्च नहीं करना है।
दरिद्रता की देवी अलक्ष्मी से छुटकारा पाएं
श्री लक्ष्मी और अलक्ष्मी दो बहने हैं। श्री लक्ष्मी धन की दात्री है तो अलक्ष्मी दद्रिरता और गरीबी की कारक है। दोनों बहने घर स्थिति के अनुसार निवास करती हैं। जिस घर में गंदगी रहती है। परस्पर विचार वैमनस्य रहता है। बोलचाल में अशिष्टता का प्रयोेग होता है। घर में महिला सदस्यों को पर्याप्त मान-सम्मान की प्राप्ति नहीं होती है। वहां पर अलक्ष्मी का निवास हो जाता है। और जहां पर अलक्ष्मी का निवास हो वहां पर श्रीलक्ष्मी का आगमन कभी नहीं होगा। इसलिए यदि आपको धनवान बनना है। बिजनेस में तरक्की करनी है। तो आपको दरिद्रता की देवी अलक्ष्मी से छुटकारा पाना होगा। तभी श्रीलक्ष्मी का आपके दरवाजे पर आगमन संभव होगा। इसके लिए घर को हमेशा साफ रखें। बोलचाल में मधुरता का समावेश रखें। अनावश्यक रूप से झूठ नहीं बोलें।
अग्नि कोण या मंदिर में दीपक जरूर जलाएं
यदि आपके घर में कोई पूजा स्थान या मंदिर है तो वहां सुबह और शाम को तेल या घी का दीपक जरूर जलाना चाहिए। यदि दोनों समय दीपक नहीं कर सकते हैं तो सायं काल जरूर करना चाहिए। इससे दिन भर में फैली नकारात्मक उर्जा नष्ट हो जाती है। यदि घर में मंदिर नहीं है तो घर के दक्षिण-पूर्वी भाग में दीपक जलाना चाहिए। यदि आप किसी देवता या देवी की पूजा करते हैं तो उसके सामने दीपक कर सकते हैं। यदि नहीं करते हैं तो वैसे ही दीपक जला सकते हैं।
चिंटियों को दाना जरूर डालें
वैसे तो कोई भी व्यक्ति चिंटियों का दाना दे सकता है। लेकिन जो लोग कर्ज से पीड़ित हैं उन्हें जरूर दाना देना चाहिए। इससे निश्चित रूप से कुछ ही समय में कर्ज की समाप्ति होने लगती है। यह एक सस्ता लेकिन कारगर उपयोग है। हालांकि जिन लोगों के ग्रह ज्यादा खोटे हों उन्हें राहत प्राप्ति में कुछ अधिक समय लग सकता है। लेकिन यह प्रक्रिया लगातार जारी रखने से अन्ततः लाभ दिखाई देता है। यदि आपके पास-पास चिंटियों को दाना डालने की सुविधा नहीं है। तो पक्षियों को दाना डालने से भी लाभ होता है। यदि यह भी नहीं कर सकते हैं तो प्रतिदिन दान करें। दान की मात्रा चाहे कम हो लेकिन वह नियमित होनी जरूरी है। यह शास्त्रोक्त प्रामाणित है कि दान करने से धन में वृद्धि होती है।
नहाने के पानी में एक चुटकी नमक मिलाएं
नमक में नकारात्मक उर्जा को नष्ट करने की अद्भुत क्षमता होती है। यदि आपको यह वहम है कि किसी ने आप पर जादू-टोना कर दिया है, तो आप प्रतिदिन स्नान करने के लिए किसी बाल्टी का प्रयोग करें। यदि आप फव्वारे के नीचे नहाते हैं तो उसे बंद कर दें और बाल्टी से नहाएं। बाल्टी के पानी में एक चुटकी साधारण नमक की मिलाएं। फिर इस पानी से स्नान करें। इस प्रयोग का चमत्कारिक प्रभाव देखने में आता है। यदि वास्तव में किसी ने आप पर नकारात्मक प्रयोग किया है तो इसका असर शनै-शनै नष्ट हो जायेगा। और आपकी गाड़ी पुनः पटरी पर आने लगेगी।
लाइफ स्टाईल में बदलाव करें
आमतौर पर ग्रहों की अपनी गति और प्रकृति होती है। यदि आपके पास अपनी जन्म कुंडली है तो कुंडली के अनुसार जो ग्रह कारक है उसकी प्रकृति के अनुसार अपना व्यवहार और चाल-चलन या कहना चाहिए कि लाइफ स्टाइल अपना लेते हैं तो आपको उसका लाभ मिलता है। लेकिन कई बार हम जन्म कुंडली में स्थित विपरीत और अकारक ग्रहों को फॉलो करने लगते हैं जिसका सीधा असर हमारे जीवन पर होता है। जब हम किसी पाप ग्रह की प्रकृति के अनुसार अपना रहन-सहन यानी लाईफ स्टाइल अपना लेते हैं तो हमारे जीवन में उस ग्रह का प्रभाव और घटनाएं होने लगती हैं। अब जो कुछ जिसके पास है वह वही देगा। अकारक या पाप ग्रह हमेशा बुरी चीजों को जीवन में लाते हैं। इसलिए हमारे जीवन में वही घटनाएं होने लगती है। इसलिए जन्म कुंडली या हस्तरेखाओं के आधार पर शुभ और कारक ग्रहों की पहचान करें और तद्नुसार व्यवहार करें तो कोई कारण नहीं है जीवन में बहार न आए।
- ज्योतिर्विद् सत्यनारायण जांगिड़
विदुरजी के मंदिर के पास। रतनगढ़। राजस्थान।