कर्क लग्न के लिए लकी स्टोन कौन से हैं
कर्क लग्न एक प्रसिद्ध लग्न है। भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण का जन्म कर्क लग्न में ही हुआ था। इसके अलावा आधुनिक समय में भी बहुत सी विभूतियों ने कर्क लग्न में जन्म लेकर कर्क लग्न को सार्थक किया है।
मोती और मूंगा कर्क लग्न वालों के लिए लकी स्टोन है
वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब मंगल और चंद्रमा की युति हो और कर्क लग्न हो तो महालक्ष्मी योग बनता है। हालांकि किसी भी लग्न में चंद्र-मंगल की युति को महालक्ष्मी योग कहा जाता है लेकिन कर्क लग्न में यह विशेष प्रभावी माना जाता है। कर्क लग्न में चंद्रमा लग्नेश होता है और केंद्र त्रिकोण का मालिक मंगल होता है। यदि कर्क लग्न में मंगल की पोजीशन सही नहीं हो मूंगा धारण करना चाहिए, लेकिन मंगल की पोजीशन अगर ठीक है जैसे कहीं भी स्वराशि, उच्चस्थ हो, मित्र राशि में बैठा है तो मूंगा धारण आप कर भी सकते हैं और नहीं भी कर सकते हैं, यह आप पर निर्भर करता है। इस स्थिति में आपको मोती धारण करना चाहिए। मोती बड़ा नहीं मिले तो 2-4-6 इस संख्या में मोती का लॉकेट धारण करें या दो मोतियों की अंगूठी धारण करें।
कैसे धारण करें
कर्क लग्न वाले मोती और मूंगा रत्न धारण कर सकते हैं। मोती हमेशा सबसे छोटी उंगली कनिष्ठिका में धारण करना चाहिए और मूंगा अनामिका उंगली में धारण करना चाहिए। सोने या चांदी दोनों में से किसी भी धातु में धारण किया जा सकता है। धारण करने से पूर्व ग्रह के 11000 मंत्रों के जाप से अभिमंत्रित अभिमंत्रित करना चाहिए।
रत्नों को पहन कर कर्क लग्न वाले महालक्ष्मी योग निर्मित कैसे करें
जिन लोगों को धन की समस्या है, उनको कैप्सूल मूंगे के दोनों तरफ दो मोती लगाकर धारण करना चाहिए। यह बहुत ही चमत्कारी अंगूठी होती है। विशेष रूप से कर्क लग्न वाले इसे धारण करके धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं। इस अंगूठी को धारण करने से जीवन में लक्ष्मी योग बनता है।
- ज्योतिर्विद सत्यनारायण जांगिड़।
विदुर जी के मंदिर के पास। रतनगढ़। राजस्थान।



