क्या आप रेस्टोरेन्ट चलाते हैं?
वास्तु के अनुसार करें रेस्टोरेन्ट को मैनेज और प्रोफिट बढ़ाएं
वास्तु की हमारे जीवन के सभी क्षेत्रों में एक सकारात्मक भूमिका होती है। लेकिन जब तक हम वास्तु को हमारे जीवन में अप्लाई नहीं करेंगे तब तक इसके फायदों के बारे में अंदाजा लगा पाना संभव नहीं है। घर के अलावा हमारे बिजनेस प्लेस जैसे आॅफिस, दुकान या फैक्टरी आदि पर भी वास्तु का सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव होता है। इसी संदर्भ में आज हम रेस्टोरेन्ट के बारे में बात करेंगे।
नकारात्मक वास्तु के आधार पर बना रेस्टोरेन्ट बंद हो सकता है
बहुत से मामलों में देखा जाता है कि अच्छी लोकेशन और अच्छे इन्वेस्टमेन्ट के बावजूद रेस्टोरेन्ट को बन्द करना पड़ता है। जब रेस्टोरेन्ट के मालिक को यह विश्वास हो कि सब कुछ ठीक है तो फिर क्या कारण होते हैं कि रेस्टोरेन्ट बन्द हो जाता है। इस स्थिति में वास्तु शास्त्रानुसार रेस्टोरेन्ट का अवलोकन आवश्यक है। मैंने अनुभव किया है कि बहुत सलीके से किया गया रेस्टोरेन्ट या फैक्टरी यदि वास्तु शास्त्रानुसार नहीं हो तो या तो बन्द हो जाते हैं या फिर बहुत धीमी गति से चलते हैं। पर्याप्त रिटर्न नहीं मिल पाता है।
वैदिक वास्तु है पंचतत्त्वों पर आधारित
वैदिक वास्तु पंच तत्त्वों पर आधारित है। इसलिए जहाँ पंच तत्त्व सही है वहां का वास्तु भी सही होता है और जहाँ पंच तत्त्व अपने निर्धारित स्थान पर नहीं है मतलब वहां का वास्तु भी सही नहीं है। ऐसे स्थान पर उन्नति नहीं होती है। मैंने अनुभव किया कि बन्द हो चुके रेस्टोरेन्ट आदि के तत्त्व एक दूसरे के विपरीत होते हैं। वास्तु शास्त्र बहुत सरल विद्या है। यदि आपने पंच तत्त्वों का ठीक कर लिया तो समझ जाएं कि 80 प्रतिशत वास्तु आपके अनुकूल हो जाता है।
रेस्टोरेन्ट के लिए कुछ सरल वास्तु सूत्र
- रेस्टोरेन्ट में प्रायः टाॅयलेट विपरीत और अशुभ जोन पर पाई जाती है। इसे ठीक रखें।
- अग्नि का बहुत महत्त्व है। क्योंकि रेस्टोरेन्ट में अग्नि लगभग सारे दिन या रात्रि में भी प्रज्वलित रहती है। यदि अग्नि ठीक स्थान पर न हो तो रेस्टोरेन्ट बन्द हो जायेगा या नुकसान होने की शंका रहेगी।
- मुख्य राजमार्गों पर जो रेस्टोरेन्ट या होटल होते हैं उन पर विज्ञापनों के लिए बड़े बड़े होर्डिन्ग लगे होते हैं। यदि ये होर्डिन्ग सही स्थान पर नहीं है तो किसी भी अच्छे खासे रेस्टोरेन्ट को बन्द करना पड़ता है।
- रेस्टोरेन्ट की दिशा चाहे जो हो लेकिन उत्तर पूर्व की सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बहुत आवश्यक है। यदि ऐसा नहीं होगा तो ग्राहक तो आयेंगे लेकिन उनसे लाभ नहीं होगा।
यदि आप भी कोई नया रेस्टोरेन्ट का निर्माण कर रहे हैं या फिर चल रहे रेस्टोरेन्ट में वास्तु विजिट करवाना चाहते हैं तो भारत प्रसिद्ध वास्तु शास्त्री श्री सत्यनारायण जांगिड़ से आज अपोइंटमेन्ट फिक्स करें। श्री सत्यनारायण जांगिड़ को वास्तु और ज्योतिष के क्षेत्र में 35 वर्षों का दीर्घ अनुभव है