क्या केमद्रुम योग दिवालिया बना सकता है?
कैसे बनता है केमद्रुम योग
महर्षि पराशर ने जन्म कुंडली में सैकड़ो योगों का उल्लेख किया है। लेकिन आज हम बात करेंगे एक ऐसे योग की जो अशुभ माना जाता है। वैसे तो ज्योतिष में बहुत से अशुभ लोगों के बारे में उल्लेख मिलता है लेकिन मैं जिस योग की बात कर रहा हूं, यदि वह पूरी तरह से जन्म कुंडली में उपलब्ध हो तो निश्चित रूप से जीवन में एक बार बिजनेस-व्यापार में बड़ा नुकसान देता है। यह योग केमद्रुम नाम से प्रसिद्ध है।
कैसे बनता है केमद्रुम योग
आमतौर पर जब जन्म कुंडली में चंद्रमा से लग्न में, चौथे घर में, सातवें घर में, दसवें घर में और चंद्रमा से दूसरे या बारहवें घर में यदि कोई शुभ ग्रह नहीं हो तो केमद्रुम योग बनता है। यहां शुभ ग्रह से तात्पर्य केवल शुक्र और बृहस्पति से है। बाकी कोई भी ग्रह इस योग में शुभ नहीं माने गए हैं। इसलिये बृहस्पति या शुक्र दोनों या कोई एक ग्रह बताए गए स्थानों पर नहीं हो तो केमद्रुम योग बनता है।
हालांकि जन्म कुंडली में बहुत सी बातें देखी जाती हैं। हार्ड एंड फास्ट कुछ भी नहीं है। ऐसा नहीं है कि यह योग बन गया तो निश्चित रूप से इसका यही परिणाम आएगा। लेकिन ज्यादातर मामलों में अगर पूर्ण केमद्रुम योग बन जाए तो जातक अपनी लाइफ में निश्चित रूप से एक बार दिवालिया घोषित होता है।
इस योग का प्रभाव दूसरी कुछ बातों पर भी निर्भर करता है। जैसे लग्नेश यदि कमजोर हो उसके अलावा चंद्रमा पाप राशि में हों और पाप ग्रहों की चंद्रमा पर दृष्टि हो तो केमद्रुम योग ज्यादा प्रभावी हो सकता है। इसी प्रकार से यदि चंद्रमा पक्ष बली हो और उस पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो तो योग का प्रभाव कुछ हद तक कम हो जाता है।
क्या आपकी कुंडली में केमद्रुम योग है? किसी भी ज्योतिषीय योग के बारे में जानने के लिए कुंडली का गहन विश्लेषण जरूरी है। यदि आप अपनी कुंडली के संबंध में जानकारी चाहते हैं वेबसाइट पर दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क करें।
- ज्योतिर्विद सत्यनारायण जांगिड़।
विदुरजी के मंदिर के पास। रतनगढ़। राजस्थान।



