जब घर में बंटवारा हो तो बहुत सावधान रहें ⁉️ घर का बंटवारा केवल जमीन या दीवार का बंटवारा नहीं होता, बल्कि दीवार बनने के बाद दोनों हिस्सों की वास्तु स्थिति भी बदल सकती है। इसलिए बंटवारे के बाद मुख्य द्वार, किचन, टॉयलेट और जल स्रोत की स्थिति की जांच करना महत्वपूर्ण है।
कुछ घटनाएं इस तरह की होती है जिनमें वास्तु का महत्व स्वतः ही सिद्ध हो जाता है।
मैंने जो कुछ वास्तु में अनुभव किया है उसके आधार पर बता रहा हूं।
कुछ मामलों में जब दो भाइयों के मध्य घर का बंटवारा करना पड़ता है, तो बहुत सावधान रहने की जरूरत है।
क्योंकि बटवारा तो हमेशा मध्य में दीवार करके होता है। लेकिन इसके कारण कुछ घर इतने अधिक अशुभ हो जाते हैं कि आप कल्पना भी नहीं कर सकते। और उसके परिणाम उन्हें मात्र चार छह महीने में ही दिखाई देने लगते हैं।
सबसे खास बात तो यह कि घर के बीच में दीवार करते समय आपके हाथ में ज्यादा कुछ करने को नहीं होता है।
यानी आप अपनी मर्जी नहीं चला सकते हैं।
दीवार को जहां होना है वह वही होगी। आप उसे आगे पीछे नहीं कर सकते हैं।
तो फिर क्या किया जाए
आप केवल इतना कर सकते हैं कि दीवार होते ही आप पता लगाएं कि घर का मुख्य द्वार सही है या नहीं।
पता लगाएं कि इसके अलावा दूसरे पक्ष वास्तु शास्त्र के अनुसार कितने अशुभ हो गए हैं।
किचन, टॉयलेट, अंडरग्राउंड वॉटर टैंक इन सबको वास्तु के हिसाब से देखें कि दीवार होने के बाद में यह सब वास्तु के अनुसार सही जगह पर है या नहीं है।
कुछ निर्माण आपको नया करना पड़ेगा क्योंकि वह बंटवारे में दूसरे हिस्से में चला गया है तो वह निर्माण वास्तु के अनुसार ही होना चाहिए।
क्योंकि जमीन का बंटवारा हो जाने के बाद में अच्छी या बुरी स्थितियों को मैंने बहुत से मामलों में अनुभव किया है। इसलिए सावधानी नहीं रखनी चाहिए।
क्योंकि घर का बंटवारा होने को आप नहीं रोक सकते, लेकिन आपकी हिस्से में जो आया है उसे वास्तु के अनुसार करने में आपको देरी नहीं करनी चाहिए।
ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट पर दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क करें



