अक्टूबर 2026 में कब है विवाह मुहूर्त
भारत में आदि काल से ही ज्योतिष के आधार पर शुभ दिन और समय के आधार पर विवाह और दूसरे मांगलिक कार्यक्रम आयोज्य होते आये हैं। बच्चे के जन्म के बाद नामकरण से लेकर किसी व्यक्ति की मृत्यु होने के बाद तक हिन्दू धर्म में ज्योतिष के आधार पर शुभाशुभ समय पर पूजा आदि का आयोजन होता आया है।
हिन्दू धर्म में विवाह बहुत ही पवित्र बंधन माना जाता है। ऐसा विश्वास किया जाता है कि पति-पत्नी का जोड़ा भगवान बनाता है। और यह सात जन्मों का साथ होता है। इसी पवित्र विश्वास और आस्था के कारण विवाह के लिए हम हमेशा शुभ तिथि का चुनाव करते हैं। यह शुभ तिथि पंचांग पर आधारित होती है।
पंचांग में विवाह की तिथि या मुहूर्त का निर्धारण बहुत ही सूक्ष्मता से किया जाता है। यह तिथि 10 गणितीय शुद्धता पर आधारित होती है। इन मापदंडों को रेखाओं के माध्यम से पंचांग में दर्शाया जाता है। जब कोई दिन सभी 10 ज्योतिषीय गणनाओं में शुद्ध और सटीक हो तो उसे पूरी तरह से श्रेष्ठ विवाह मुहूर्त कहा जाता है। आम बोलचाल की भाषा में इसे 10 रेखा का मुहूर्त कहा जाता है। जब इन दोषों की संख्याएं बढ़ती है तो उस दोष संख्या को कुल संख्याओं में से कम कर दिया जाता है। जैसे किसी दिन में 2 दोष हैं तो वह दिन विवाह मुहूर्त में 80 प्रतिशत तक शुद्ध है। आमतौर पर 7 या इससे अधिक रेखाओं या शुद्धता मापदंड का मुहूर्त श्रेष्ठ समझा जाता है।
अक्टूबर मास में कब है विवाह मुहूर्त
अक्टूबर 2026 अंग्रेजी मास में चातुर्मास होने के कारण वैदिक पंचांग पर आधारित कोई विवाह मुहूर्त नहीं है।
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