क्या आपकी कुंडली में मांगलिक दोष है?
मांगलिक दोष - व्याख्या और निवारण
किसी भी जन्म कुंडली में यदि मांगलिक दोष होता है तो सगाई विवाह में देरी होती है।तलाक हो सकता है या जीवनसाथी की मृत्यु हो सकती है। इसलिए सगाई से पहले मांगलिक दोष के बारे में पता लगाना चाहिए और यदि मांगलिक दोष तो है तो उसकी शांति करवानी चाहिए।
कैसे बनता है मांगलिक दोष
जब जन्म कुंडली में 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में मंगल हो तो कुंडली मांगलिक हो जाती है। लेकिन पूर्ण मांगलिक दोष तभी होगा जब कि सप्तम भाव पीड़ित हो।
आमतौर पर मांगलिक कुंडली दोष युक्त जातक का विवाह दूसरे मांगलिक जातक से ही किया जाना चाहिए। यह एक तय नियम है जिसका कोई परिहार नहीं है चाहे 36 गुण ही मिल जाएँ। हालाँकि बहुत से ज्योतिषी दूसरे योगों के आधार पर मांगलिक दोष के नष्ट होने का दावा करते हैं लेकिन मेरे अनुभव के अनुसार मांगलिक दोष का कोई परिहार नहीं है बल्कि उपायों से ही मांगलिक दोष का निवारण करना चाहिए।
क्या करें :--
मांगलिक का विवाह दूसरे मांगलिक जातक से ही किया जाना चाहिए। यदि ऐसा करना संभव नहीं हो और केवल कन्या ही मांगलिक हो तो सगाई-विवाह से पूर्व कन्या का कुम्भ विवाह करवाएँ। इसी प्रकार से यदि मात्र लड़का ही मांगलिक हो तो उसका अर्क विवाह करवाएँ।
मंगलवार को प्रातः 10 बजे से पहले-पहले ब्लड डोनेट करने से भी मंगल दोष का निवारण होता है।



