यदि आपके घर में प्लास्टिक का फर्नीचर है तो आपको यह रहस्य जान लेना चाहिए
वास्तु शास्त्र खासतौर पर वैदिक वास्तु शास्त्र करीब 5000 वर्षों से अधिक प्राचीन है। भारत के वैदिक ग्रंथों और धर्म ग्रंथो में वास्तु शास्त्र के छोटे-छोटे दृष्टांत हमें मिलते हैं, जो इस बात के प्रतीक है कि वास्तु हजारों पीढ़ियों से हमारे जीवन का अभिन्न अंग रहा है।
वास्तु हमें जीवन के सभी पक्षों में सकारात्मक जीवन जीने के सूत्र बताता है। और उन चीजों के बारे में गंभीरता से बताता है जो कि घर या बिजनेस प्लेस में नेगेटिव एनर्जी बढ़ाते हैं। क्योंकि घर में या बिजनेस प्लेस में नेगेटिव एनर्जी होगी तो पांच तत्त्वों का परस्पर समन्वय नहीं हो पाएगा जिसके कारण दोष उत्पन्न होंगे।
प्लास्टिक का फर्नीचर है तो सावधान हो जाए
प्लास्टिक राहु का प्रतीक होता है। इसलिए यदि आपके घर में अधिकतम फर्नीचर प्लास्टिक का है तो वह आपके जीवन में अचानक कोई नुकसान करवा सकता है। प्लास्टिक की कुर्सियां आपको नेगेटिव रूप से चार्ज करती है जिससे शरीर की एनर्जी डिस्टर्ब हो सकती है।
कुछ लोग इंटीरियर प्लास्टिक का करवाते हैं जो शुभ नहीं है। इंटीरियर हमेशा POP या वुड का ही होना चाहिए। जब प्लास्टिक इंटीरियर के साथ प्लास्टिक का फर्नीचर हो तो वह अधिकतम नेगेटिव एनर्जी उत्सर्जित करता है।
क्या उपाय करें ?
कोशिश करें कि जितना फर्नीचर प्लास्टिक का है उसकी तुलना में वुडन का फर्नीचर भी होना चाहिए। जैसे यदि डाइनिंग चेयर प्लास्टिक की है तो डाइनिंग टेबल को वुडन का होना चाहिए। इससे कुछ हद तक राहत मिलती है।
इंटीरियर में प्लास्टिक का उपयोग किसी भी स्थिति में नहीं करना चाहिए। यदि किसी बिजनेस प्लेस में प्लास्टिक का इंटीरियर है तो समस्या हो सकती है।
जहां तक संभव हो प्लास्टिक के फर्नीचर को कम करते हुए वुडन के फर्नीचर को बढ़ाएं।
यदि आपको भी वास्तु संबंधी परामर्श चाहिए तो हमारी वेबसाइट पर दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
-- सत्यनारायण जांगिड़
विदुर जी के मंदिर के पास।
रतनगढ़। राजस्थान।



